Is mantra ke saath: Fundamentals Explained

This celebration encourages us for making profound connections with our internal selves, which promotes spiritual progress and peace. This holy period reminds us that the Main of devotion will be the purity of our hearts as well as sincerity of our prayers.

* हर रोज कोई न कोई नई मुसीबत खड़ी होती हो तो काली इस तरह की घटनाएं भी रोक देती हैं।

* ऐसी बीमारियां जिनका इलाज संभव नहीं है, वह भी काली की पूजा से समाप्त हो जाती हैं।

यह समय साधक को आध्यात्मिक शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करता है।

हर दिन अलग-अलग देवी का आह्वान और मंत्र जाप करें।

व्रत और नियम: गुप्त नवरात्रि में व्रत रखना अत्यधिक फलदायी होता है।

पूरे परिवार सहित माता का स्वागत करें, उनका पूजन, आरती करके website भोग लगाएं और उनसे सुख-समृद्धि की कामना करें।

नौ दिनों तक सात्विक भोजन करें और विचारों को पवित्र रखें।

* शनि-राहु की महादशा या अंतरदशा, शनि की साढ़े साती, शनि का ढइया आदि सभी से काली रक्षा करती हैं।

इसमें पहले कलश को गंगा जल से भरें, उसके मुख पर आम की पत्तियां लगाएं और उस पर नारियल रखें। 

* जीवनसाथी या किसी खास मित्र से संबंधों में आ रहे तनाव को दूर करती हैं।

देवी पूजन की सभी सामग्री को एकत्रित करें। पूजा की थाल सजाएं।

इस दौरान कलश स्थापना करना शुभ रहेगा. आप पहले से तैयारी कर लें और शुभ मुहूर्त के अंदर ही कलश स्थापना कर लें.

* बिजनेस आदि में आ रही परेशानियों को दूर करती हैं।

यह समय साधक को आत्म-चिंतन और आत्म-साक्षात्कार का अवसर देता है। ध्यान और तपस्या के माध्यम से व्यक्ति अपनी आध्यात्मिक उन्नति कर सकता है।

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